चुप मत रहा करो
जो दिल में है, कह दिया करो
By Anant Yadav
About the Book
चुप मत रहा करो* उन अनकही बातों और ख़ामोश एहसासों की किताब है, जो अक्सर दिल में रह जाते हैं। प्रेम, रिश्तों, दूरी और इंतज़ार के बीच यह किताब एक छोटी-सी याद दिलाती है—जो कहना है, कभी-कभी उसे कह देना चाहिए।
“### लेखक की ओर से *चुप मत रहा करो* मेरे लिए उन बातों की किताब है, जिन्हें हम कहना तो चाहते हैं, लेकिन अक्सर कह नहीं पाते। कभी शब्द कम पड़ जाते हैं, कभी रिश्ते का डर रोक देता है और कभी हम सोचते हैं कि सामने वाला बिना कहे ही समझ जाएगा। लेकिन हर ख़ामोशी समझी नहीं जाती। इस किताब में प्रेम है, इंतज़ार है, दूरी है, कुछ अधूरे रिश्ते हैं और उन पलों की याद है जब बस एक बात कह देने से शायद सब कुछ थोड़ा अलग हो सकता था। मैंने इन भावनाओं को किसी कहानी की तरह नहीं, बल्कि उन एहसासों की तरह लिखा है जिन्हें हममें से कई लोग कभी न कभी जी चुके हैं। मैं चाहता हूँ कि इसे पढ़ते हुए आपको सिर्फ़ मेरी लिखी हुई बातें न मिलें, बल्कि कहीं न कहीं अपनी कोई याद, अपना कोई रिश्ता या कोई अनकहा शब्द भी मिल जाए। **अगर किसी अपने से कुछ कहना बाकी है, तो कह दीजिए। क्योंकि कुछ ख़ामोशियाँ वक़्त के साथ ख़त्म नहीं होतीं—वे बस उम्र भर हमारे भीतर बोलती रहती हैं।** — **अनंत यादव**”
Bibliographic Information
Reviews & Reflections
“nice poetry”
“An extraordinary collection. Yadav's ability to express deep philosophical truths with such minimal, lyrical language is breathtaking.”
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