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Love
चुप न रहा करो
Prem
1 min read 2026-09-12
Poet's Voice Recitation
तुम चुप न रहा करो,
कुछ तो कहा करो,
मन में जो भी हो,
थोड़ा-सा ही but मुझसे साझा तो किया करो।
हर बात पर रूठना ज़रूरी नहीं,
पर कभी मुझसे लड़ भी लिया करो,
ग़लती मेरी हो तो डाँट लिया करो,
और तुम्हारी हो तो
मुझसे छुपाया मत करो।
हम इतने अपने हैं तो
थोड़ा-सा हक़ भी जताया करो,
कभी बिना वजह पूछ लिया करो
“कहाँ हो?”
कभी यूँ ही कह दिया करो
“आज तुमसे बात करनी है।”
मुझे तुम्हारी हर बात का जवाब नहीं चाहिए,
बस तुम्हारी ख़ामोशी में
अजनबी मत बनाया करो।
जो बात दिल में अटक जाए,
उसे रात भर मत रखा करो,
लड़ लेना, झगड़ लेना,
नाराज़ हो जाना
बस यूँ बिना कुछ कहे
दूर मत जाया करो।
तुम चुप न रहा करो,
कुछ तो बोला करो…
लड़कर ही सही,
मगर हर बार
मुझे अपना होने का
एक छोटा-सा हक़ तो दिया करो।
— Anant Yadav
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