ANANT YADAV
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Love

पसंद हो तुम

Love

1 min read 2026-09-12
उन्स है तुमसे, कोई आदत तो नहीं तुम्हें हर रोज़ सोचना, मसरूफियत तो नहीं, तुम तो ख़ुद महकती हुई इक शाम जैसी हो तुम्हें फूलों से सजाना, ज़रूरत तो नहीं, तुम्हारी सादगी पे फ़लक भी नाज़ करता है तुम्हें ख़ुद को सँवारना, ज़रूरत तो नहीं, तुम आईनों से ख़ुद की शिकायत क्यों करोगी तुम्हें ख़ुद को निहारना, ज़रूरत तो नहीं, तुम्हारी एक मुस्कान ही काफ़ी है दिलों को तुम्हें यूँ क़हर ढाना, ज़रूरत तो नहीं, तुम तो हर लिबास में बेहद हसीं लगती हो तुम्हें और रंग लगाना, ज़रूरत तो नहीं, तुम्हें देखे बिना भी इश्क़ हो जाए किसी को तुम्हें दिल में बसाना, ज़रूरत तो नहीं, तुम्हें चाँद कहूँ तो चाँद छोटा सा लगेगा तुम्हें चाँद बताना, ज़रूरत तो नहीं, तुम जैसी हो, वैसी ही मुकम्मल सी लगती हो तुम्हें ख़ुद को बदलना, ज़रूरत तो नहीं

— Anant Yadav

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